Vishal Gupta हसरतें हसरतें कुछ और भी है अभी मुझे जाने को ना कहो उफान चड़ा है इस दिल में अभी संभल जाने को ना कहो। 10476 thumb_up thumb_down 0
Vishal Gupta ना देख पाए ज़िन्दगी नज़र अंदाज़ कर के बख़ूबी चल रही थी ज़िन्दगी जिस दिन रूबरू हुए उस दिन घबरा गए हम इतना कुछ बीत रहा था उसके साथ की हालत उसकी देख के शर्मा गए हम कुछ देर भी यह नज़ारा देख ना सके मन की चुभन के चलते नज़रे छुपा गए हम। 10483 thumb_up thumb_down 0