बीमारी अपने साथ कितनी चुनौतियां ले कर आती है।
आती तो है तेज़ी से, पर वापिस धीरे धीरे जाती है।।
यह ना आए किसी को भी, यही दुआ मांगता हूं मैं।
कितना परेशान कर देती है यह, अच्छी तरह जानता हूं मैं।।
मेरी मालिक यही दुआ है मेरी, तेरे रहमो करम से कबूल हो।
मैं और मेरा परिवार स्वस्थ और संपन रहे, इतनी इनायत हम पर जरूर हो।।
Category: Poems
जादू की नगरी
यह दुनिया है उल्फत
जादू की नगरी
जादू की नगरी
यहां नए है नज़ारे
हर एक नई है डगरी
यह काला है जादू
ना इसका कोई तोड़
यह सर चड़ के बोले
ना जाया जाए भी छोड़
यह पागल बना के
नचाए अपने इशारे
यहां आके हमने सीखा
क्या हमारे, क्या तुम्हारे
कहते जग को कविता
पर किस ने रची है
यह किसने रची है
पर जैसी भी है
यहां जी लेते है लोग
जब कुछ मिलकर बिछड़ता
कर लेते है शोक
कुछ अपने है, कुछ पराए भी
जो खिले थे कभी वोह मुरझाए भी
जाना सब को है यहां से
कहते चलती चक्री है
दुनिया जादू की नगरी है

