अकेले जन्म लिया है

अकेले जन्म लिया है
और अकेले ही मारना होगा

कोई नहीं कर सकता
तुम्हें अपना उद्धार, ख़ुद ही करना होगा

कड़ी मेहनत और निरंतर पुर्षार्थ की जरूरत है
ख़ुद को ही ख़ुद में ढूंढ़ना है, तुझ में ही उसकी मूरत है।

13.02.2013

ख़ुशी की चाहत

अगर कोई खुश है तोह वोह
क्या और खुश होना चाहेगा।

अगर हाँ तो कितनी और
ख़ुशी से उसका मन भर जाएगा।

ता उम्र भाग के देख लिया
मन तोह मेरा भरता नहीं।

जितना भी मिल जाये इसे
यह कभी उतने में सब्र करता नहीं।

क्या यही ज़िन्दगी का मकसद है
या कुछ और भी पाना है।

या सच में कोई मकसद नहीं है
सिर्फ ख़ुशी ढूंढना ही बस एक बहाना है।।