मेरा आखरी वक़्त है

ना करो मुझसे झिलाकर बात, मेरा आखरी वक़्त है
ना करो दिल दुखाने वाली बात, मेरा आखरी वक़्त है

जब भी तुम मुझे गुस्सा दिखाते हो, मैं परेशान हो जाता हूं
गुम सुम सा हो जाता हूं, मैं भीतर से लहूलुहान हो जाता हूं

हां मैने भी कहें है, कड़वे शब्द और तीर जैसी नोकिली बातें
क्या करू भीतर का दुख संभालता ही नहीं था, जब भी तुम कुछ कह जाते

मैं तो यहां अपना वक़्त पूरा कर रहा हूं
जल्दी ख़त्म हो यह ज़िन्दगी, इसीलिए तेज़ी से सांसे भर रहा हूं

पर मन में मलाल है, कि बहुत दिनों से तुमसे बात नहीं की है मैंने
क्रोध और डर दोनों, दे ही नहीं रहे है जीने

क्रोध इस बात का है, कि तुमने ऐसा कहां वैसा कहां
और डर इस बात का है, की शायद बात करने का मोका ना मिले दोबारा

तो अब बात शुरू कर ले, ताकि मेरे जाने पर तुम्हे बात ना करने का गिला ना रहे
नहीं तो शायद, दीवारों तस्वीरों को सुनायोगे वोह बातें और किस्से अनकहे

पर मुझे चुभे ऐसा कुछ ना कहना, मेरा आखरी वक़्त है
हो सके तो जाने के पलों में मेरे साथ ही रहना, मेरा आखरी वक़्त है।

प्रभु जी तुम निष्ठुर कठोर

प्रभु जी तुम निष्ठुर कठोर

कुछ तो करो बदलाव रे
गहरे मेरे घाव रे
फंस गया हूं मैं, ना है कोई छोर

प्रभु जी तुम निष्ठुर कठोर

अब बातों पे, यकीन नहीं तेरी
दिल में चले तेरे हेरा फेरी
ज़माने भर में मचायुंगा, मैं इस बात का शोर

की प्रभु जी तुम निष्ठुर कठोर

अपना हमको तुम ने बनाया
थोड़ा अपना जलवा दिखाया
फिर क्यों आज ना है कोई ठोर

प्रभु जी तुम निष्ठुर कठोर

दुख में मैंने अन जल है त्यागा
मत तोड़ो मेरे प्रेम का धागा
तुम हो पतंग और मैं हुं डोर

प्रभु जी तुम निष्ठुर कठोर

मुझसे छुटे तो कहां जायोगे
मेरे बिन क्या रह पायोगे
चाहे लगा लो पूरा जोर

प्रभु जी ना बनो निष्ठुर कठोर