शादी के बाद का आना जाना

शादी के बाद का आना जाना
हर शनि इतवार रिश्तेदारों के घर खाना

साड़ी पहनना और मेकअप करना, मुझको तो लगती सजा़ है
मेरी तो जीन्स और जैकेट, पहनने की रजा़ है
यह कहते है यह सब पहन कर, मेरी नाक ना कटवाना

शादी के बाद का आना जाना
हर शनि इतवार रिश्तेदारों के घर खाना

सात से दस, फ़िल्म वीर का शो है
कोनो वाली सीट है, और आखरी रो है
मेरी मानो तो लगादो, बीमार होने का बहाना

शादी के बाद का आना जाना
हर शनि इतवार रिश्तेदारों के घर खाना

मैं तो कहती हूं, जाने की फ़ीस तय कर को
फिर तो चाहे इस लिस्ट में, दो चार नाम और भर लो
यह कहते ऐसा ना सोच, तेरी फैमिली ने अभी है बुलाना

शादी के बाद का आना जाना
हर शनि इतवार रिश्तेदारों के घर खाना

जिस घर में भी जाओ, वहां इंडियन खाना ही खिलाते है
ना कोई मोकटेल और ना कोई कॉकटेल, बस नींबू पानी पिलाते है
मैं चलती हुं तुम्हारे साथ, अगर वहां अलग से चाइनीज है मंगवाना

शादी के बाद का आना जाना
हर शनि इतवार रिश्तेदारों के घर खाना।

क्या है ज़िन्दगी – 3

दुख में पनपती, छटपटाती ज़िन्दगी
तरसती और मुरझाती ज़िन्दगी

उम्मीदों के तानों को बुनती ज़िन्दगी
घड़ी की टीक टीक को सुनती ज़िन्दगी

पेट की तपिश में बार बार झुलसती ज़िन्दगी
दो टुकड़ों के लिए बिक जाती, हो जाती इतनी सस्ती ज़िन्दगी

छोटी डगर को लम्बा समझती ज़िन्दगी
डगर के लम्बे सफ़र से सहमती ज़िन्दगी

सफ़र में राहगीरों की तलाश करती ज़िन्दगी
फिर एक एक करके सबको दरकिनार करती ज़िन्दगी

बेमतलबी, बेवजह, बदगुमान ज़िन्दगी
तड़पती, बिलखती, मौत पे सवार ज़िन्दगी

मत पूछो वजह क्या है मेरे यार ज़िन्दगी
बताने से इसने किया है इंकार ज़िन्दगी।