मां थक गया चलते चलते

मां थक गया चलते चलते
मैं इन पथराई हुई सी रहो में

थामो अब मुझको बाहों में

उस गोद का सहारा दो
जिस गोद में हम खेले है

दिल से लगा को बेटे को
अरसे से हम अकेले है

अब आंसू भी है सूख चुके
तेरी यादों में बहते बहते

पत्थर से मां हम बन है गए
तेरे बिन कहीं और रहते रहते

इस पत्थर को कोमल कर दो
मां तुम अपने दुलार से

मां छू दो तुम मेरे दिल को
भर जाए जीवन प्यार से

मां जल्दी करो, ना देर करो
दम निकल ना जाए इन्हीं आहों में

थामो अब मुझको बाहों में

थामो अब मुझको बाहों में

हम मौत को गले लगा लेंगे

जब भी सहमा या डरा
छुप गया तेरे आंचल की छायों में

आज फिर ज़िन्दगी की गर्मी बड़ी है
मौत हाथों में हथियार लिए खड़ी है

आज फिर याद आता है, तुम्हारा आंचल मुझे
बर्फ़ की खामोशी में, पहाड़ों की जड़ता में

कहीं से तुम वही आंचल फिर से लेहरा दो
तो हम मौत को गले लगा लेंगे

सोचेंगे की
जीते जीते तो पा ना सके, हम मर कर तुम को पा लेंगे

हम मौत को गले लगा लेंगे।