दुनिया ने हमें सब सिखाया

दुनिया ने हमें सब सिखाया, पर मरना नहीं
ज़िन्दगी लंबी लगती है मगर, इसका ऐतबार करना नहीं

चंद लम्हों में ही सिमट कर खो जाती है
सांसों की लड़ी देखते ही देखते बंद हो जाती है

मरना तो किसी की ख्वाहिश नहीं है, फिर क्यूं मौत आती है
ज़िन्दगी आंखें नम कर लेती है, पर मौत को ना रोक पाती है

रह रह कर मन मेरा मुझसे पूछता है, की क्या मुझे भी मरना होगा
मैं भी जलूंगा कभी, क्या लकड़ियों का इंतज़ाम करना होगा

मुझे समझ नहीं आता कि अपने मन से क्या कहूं
शायद मैं और मेरा मन हम दोनों ही सच जानते है, पर इसे अनदेखा कैसे करू।

मैं लड़की देखने जा रहा हुं

मैं लड़की देखने जा रहा हुं

पंडित जी जब हमारे घर आए थे
झोला भर के फोटोयो का लाए थे
हर फोटो को देख देख कर
अलग अलग अटकलें लगा रहा हूं

मैं लड़की देखने जा रहा हुं

पंडित जी ने पूछा, कि लड़की MA हो या MBBS पास हो
मैंने कहा पंडित जी यह सब छोड़ो
बस दिखने में खासम ख़ास हो
मैं तो शक्ल के नंबर लगा रहा हूं

मैं लड़की देखने जा रहा हुं

अब रातों को नींद भी कहां आती है
लगी रहती है एक बेचैनी सी
मैं शादी की बाद की रात का सोच के शर्मा रहा हूं

मैं लड़की देखने जा रहा हुं।