मुझे आगे बढ़ते जाना है

मुझे आगे बढ़ते जाना है

मेहनत कर कुछ किया हमने
इसी मेहनत के दम पर लिए है सपने

कुछ कर अब मुझको दिखाना है
उस चमकते सूरज को पाना है

जलता है तन यहां बहुत मेरा
पर मुझे इसे तपाना है

सोना है अभी पास मेरे
इस तपा कर कुंदन बनाना है

मुझे आगे बढ़ते जाना है।

हम है आज़ाद परिंदे

हर गम से तु
मज़बूरी से
आज़ादी दे

ओ मौला
मुझे आज़ाद
कर दे

मेरे पंखों को
खुलने की
जगह दे

इतनी की
सूरज को भी
हम छुपा दे

ओ मौला
मुझे आज़ाद
कर दे

कुछ पाने कि
हर ख्वाहिश ही
फ़ना कर दे

तेरे इश्क़ की
चाहत से ही
मुझे भर दे

ओ मौला
मुझे आज़ाद
कर दे

मेरे कन कन को
आज़ादी से
ऐसे भर दे

की सांस-सांस मेरी बोले
हम है
आज़ाद परिंदे

हम है
आज़ाद परिंदे