ना जा चन्ना

वे ना जा चन्ना तू परदेस हा
वे अपने वरगा ना कोई देस हा
वे मेरी मां ने वाजा मैनू सी मारिया
वे रोंदी रई सी वेख की पुत मेरा जा रिहा
पर मेरी ता मत मर सी चुकी
दिल दी एह ख्वाहिश ना रुकी
ते मैं परदेस आ गया

हुण एथे बुरबुर रोना है
वे जागदा ना सोना है
वे अपने याद बड़ा आऊंदे ने
फेर मन दिल बड़ा पछतौंदे ने
की मैं क्यों परदेस आ गया

मैनु कोई घर पहुंचा दवो
मेरे घर दा रास्ता दिखा दवो
वे वाज़ा हुण मैं मारा वे
वे ज़िन्दगी हुण हारा वे
ते दिल विच हुण मैं सोचदा
की मैं क्यों परदेस आ गया

रे ओ श्यामा

रे ओ श्यामा, रेे ओ प्यारे
ना जाने कब मिल होगा
पुकारते है हम चारों पहर
ना जाने कब तेरा दिल होगा

शिकायत मैं नहीं करता
बहाने तुम बनाते हो
कभी किस्मत, कभी बन्धन
कर्मो का बताते हो

अगर तुम ज़िद के पक्के हो
तो कम हम भी है कहां
धरा पर मिल ना पाए गर
तो मिलने आएंगे तू जहां