मेरी सच्चाई

शब्दों की कतारों में
अर्थ कहीं ना खो जाए

बड़ी मशक्कत से जुटाई मेरी सच्चाई
बेमायनी कहीं ना हो जाए

इसलिए कुछ भी लिखने से डरता हूं मैं
लोग समझ नहीं पाते पर सीधी बात करता हूं मैं

क्यूंकि मुझे मरकर शब्द मिले है
जिनका आज सहारा है मुझे

यह उस वक़्त की सच्चाई है
जब ज़िन्दगी और मौत, दोनों ने मिलकर निहारा है मुझे

पहले का जीना जीना नहीं था
अब हर इक सांस दिल तक उतरती है

मेरी तो अब हर इक घड़ी
इसी सच्चाई में गुजरती है

इन्हीं लम्हों को देखना इबादत है उसकी
और इस सच्चाई का दीदार करना ही सूरत है उसकी।

23.02.2013

प्यार दुबारा कर लो

वक़्त इशारा कर रहा है रूख़सती का
कह रहा है कि समान गठरी में भर लो

मेरे इस मंज़र को ना देखो मेरे महबूब
तुम मुझसे किनारा कर लो

तकलीफ़ के दिनों के लिए मेरे पास मेरी यादें है
तुम अपने लिए कोई ना कोई सहारा कर लो

यूं तो प्यार ज़िन्दगी में एक दफा ही होता है
पर मेरे कहने पर किसी से दुबारा कर लो

तुम्हे छोड़ के जाना मेरे लिए भी कम मुश्किल नहीं
पर हम कभी मिले ही नहीं थे, यह सोच के गुजारा कर लो

प्यार दुबारा कर लो।