मां थक गया चलते चलते

मां थक गया चलते चलते
मैं इन पथराई हुई सी रहो में

थामो अब मुझको बाहों में

उस गोद का सहारा दो
जिस गोद में हम खेले है

दिल से लगा को बेटे को
अरसे से हम अकेले है

अब आंसू भी है सूख चुके
तेरी यादों में बहते बहते

पत्थर से मां हम बन है गए
तेरे बिन कहीं और रहते रहते

इस पत्थर को कोमल कर दो
मां तुम अपने दुलार से

मां छू दो तुम मेरे दिल को
भर जाए जीवन प्यार से

मां जल्दी करो, ना देर करो
दम निकल ना जाए इन्हीं आहों में

थामो अब मुझको बाहों में

थामो अब मुझको बाहों में

मुझे आगे बढ़ते जाना है

मुझे आगे बढ़ते जाना है

मेहनत कर कुछ किया हमने
इसी मेहनत के दम पर लिए है सपने

कुछ कर अब मुझको दिखाना है
उस चमकते सूरज को पाना है

जलता है तन यहां बहुत मेरा
पर मुझे इसे तपाना है

सोना है अभी पास मेरे
इस तपा कर कुंदन बनाना है

मुझे आगे बढ़ते जाना है।