पाकीज़ा

पाकीज़ा, यह बात कैसी है
तेरी चौखट पर ही आते है

हुस्न वाले तो और भी है बाज़ार में
दुनिया भर के हुस्न में हम अक्स तेरा ही पाते है

पाकीज़ा, यह बात कैसी है
तेरी चौखट पर ही आते है

अगर तुम हुस्न लुटाती हो
तो हम भी झोली लुटाते है

पाकीज़ा, यह बात कैसी है
तेरी चौखट पर ही आते है

हाथों से पिलाती नहीं, दिल-ए-जा़म बनती हो
कुछ ही चुस्कियों में हम, मदहोश हो जाते है

पाकीज़ा, यह बात कैसी है
तेरी चौखट पर ही आते है