शुभ लाभ ही होगा

तुम्हारे पहले क़दमों का स्वागत है
शुभ लाभ ही होगा

तुम्हारे आने पर सारा ब्रह्माण्ड पुष्प वर्षा कर रहा है
मेरा भंडार ख़ुद कुबेर आकर भर रहा है

जब इतना सुन्दर आगाज़ है तो अंजाम कैसा होगा
शुभ लाभ ही होगा

तुम्हारी औकात नहीं है

तुम्हारी औकात नहीं है

मुझसे आंख मिलनी की
मेरे रूबरू हो जाने की

तुम्हारी औकात नहीं है

तुम्हारी कारस्तानी चेहरे पे लिखी है
लगता नहीं है, की तुम्हारी रूह पहली बार बिकी है

ना कहो कि तुम्हारा इरादा सही है
जो पहले भी की थी, यह गलती वही है

अब करने को बची, कोई बात नहीं है

तुम्हारी औकात नहीं है