Vishal Gupta सफल तुम भी हो सकते हो सफल करना ध्रुव की तरह ध्यान है धरना अर्जुन की तरह कमान है नहीं हो सकते फिर तुम विफल तुम भी हो सकते हो सफल 11606 thumb_up thumb_down 0
Vishal Gupta सिसकी सिसकी यह मन, कुछ यूं है भरे यादों को तेरी जब, याद करे लम्हें जो काटे थे, साथ हमने उन यादों के ज़ख्म, फिर हुए हैं हरे दिल की ख्वाहिश, वोह जाने बिना ही कहें वोह पथ पर ना जाने, कहां छूट गए वोह पत्थर हुए, हम हुए है पानी पत्थर कैसे की, जो पानी पे तरे 12152 thumb_up thumb_down 0