पंडित जी जब हमारे घर आए थे
झोला भर के फोटोयो का लाए थे
हर फोटो को देख देख कर
अलग अलग अटकलें लगा रहा हूं
मैं लड़की देखने जा रहा हुं
पंडित जी ने पूछा, कि लड़की MA हो या MBBS पास हो
मैंने कहा पंडित जी यह सब छोड़ो
बस दिखने में खासम ख़ास हो
मैं तो शक्ल के नंबर लगा रहा हूं
मैं लड़की देखने जा रहा हुं
अब रातों को नींद भी कहां आती है
लगी रहती है एक बेचैनी सी
मैं शादी की बाद की रात का सोच के शर्मा रहा हूं
मैं लड़की देखने जा रहा हुं।

