राधा खेली रंग

राधा रंग रंग खेली फ़ोहर री
मेरी अलबेली सरकार री

आज होली का त्योहार री
राधा रंग रंग खेली फ़ोहर री

कहीं ब्रज में वोह फूलों से खेले
कहीं लठ की मारे मार री

मेरी अलबेली सरकार री
राधा रंग रंग खेली फ़ोहर री

गगन रंगा है, रंग गई धरती
जन जन का करती उद्धार री

मेरी अलबेली सरकार री
राधा रंग रंग खेली फ़ोहर री

मंगल गान चहो दिसा में गूंजे
आनंद की झंकार री

मेरी अलबेली सरकार री
राधा रंग रंग खेली फ़ोहर री

तन रंग दे, मन रंग दे आज
खुले है मन मंदिर के द्वार री

मेरी अलबेली सरकार री
राधा रंग रंग खेली फ़ोहर री

मेरी मां

मेरी सजावत से क्या
मेरी सजावत भी तुम हो
मेरी इबादत भी तुम हो

तुम ही हो जन्नत के नज़ारे
तुम ही हो दिल जिसे पुकारे

तुम ही हो वोह न्यारी मूरत
तुम ही हो सबसे ख़ूबसूरत

करुणा, दया, प्यार और ममता तुम से झलकती है
तुम्हे याद करते हुए, पलक तक ना झपकती है

तुम उन ऋषियों की तपस्या हो, जो प्रभु को पाना चाहते है
तुम समंदर का वोह क्षितिज हो, जिसमें सूरज डूब जाना चाहते है

तुम वोह हो जिसमें मेरा मन, हर पल ही पल सुख पाता है
तुम हो मेरी मां, जिसे देखकर मेरा दिल मुस्कुराता है।