मां तुमसे किया हर वादा, मैं जरूर निभाऊंगा
आशाएं जीवन की चाहे, रोशनी ना दे मुझे
उस अंधेरे में मैं मां, तेरे ज्ञान कि मशाल जलाऊंगा
मां तुमसे किया हर वादा, मैं जरूर निभाऊंगा
राहें चाहे भर ले अपने आप को कांटो से
तेरे प्यार के सुमन, मैं उन पर बिछाऊंगा
मां तुमसे किया हर वादा, मैं जरूर निभाऊंगा
बादल गरजे, बिजली चमके या बरसे बरसात
तेरे आशीर्वाद की ताकत से मैं, आगे बढ़ता जाऊंगा
मां तुमसे किया हर वादा, मैं जरूर निभाऊंगा
पर एक ही कसक है दिल में, जो कांटो सी चुभती है
की इस एक जीवन में मैं मां, तेरा कर्ज़ कैसे चुकाऊंगा
मां तुमसे किया हर वादा, मैं जरूर निभाऊंगा।

