याद रखना

मेरी मजबूरी का फायदा ना उठायो, ऐ दुनिया वालों
मुझ अकेले को कमज़ोर जान, ना दबाओ ऐ दुनिया वालों

मेरा रब मेरे साथ मोजूद है
उसे शांत रहने दो, उसे गुस्सा ना दिलायो ऐ दुनिया वालों

गर वोह उठा, तो कयामत ने भी ऐसी कयामत देखी ना होगी
जैसी कयामत लाएगा वोह

देगा वोह तुम्हे तुम्हारे गुनाहों की सज़ा
सदियों दोजक में जलाएगा वोह

हर मज़लूम के साथ वोह है, यह याद रखना
गर सताया किसी मजबूर को, तो तुम्हारा हश्र क्या होगा, यह याद रखना

मेरी मजबूरी मेरे पिछले गुनाहों कि सज़ा है
गर तुमने भी किए गुनाह, तो हाल तुम्हारा क्या होगा, यह याद रखना।

जब से तुझे देख लिया

मिली रौनक-ए-जहान, बेपनाह है मज़ा
जब से तुम्हें देख लिया, जो तुम्हें देख लिया

प्यारा सा दर्द जुड़ गया है, ज़िन्दगी में मेरी
दवा उसकी है, के दिख जाए सुरत तेरी
मरीज़-ए-इश्क़ बना, जब से तुम्हें देख लिया

जब से तुम्हें देख लिया, जो तुम्हें देख लिया

दुनिया हुई है हसीन, निखरा है आसमान
मुरझाया कुछ भी नहीं, कण कण हुआ जवान
यह तेरा इश्क़ पिया, जिसने यह जादू किया

जब से तुम्हें देख लिया, जो तुम्हें देख लिया

मेरी रूह तक तु उतरी, दिल-ओ-जान हो गई
अपनी मिटा दी जो थी, तुही मेरी पहचान हो गई
खुद को फ़ना है किया, प्यार कुछ ऐसा किया

जब से तुम्हें देख लिया, जो तुम्हें देख लिया

परेशानियां भी मुझसे परेशान हो गई
मैं तेरे इश्क़ में डूबा रहा, और वोह खुद-बा-खुद आसान हो गई
कितना सुकून है मिला, जब से प्यार मैंने किया

जब से तुम्हें देख लिया, जो तुम्हें देख लिया

ऐ ख़ुदा, और लंबी कर दे उम्र मेरी
कभी सोचा ना था, कि मागूंगा मैं यह भी
इश्क़ में इतना मज़ा, रहने दे और ज़रा

जो उन्हें देख लिया, जब से उन्हें देख लिया