ऐ ज़िन्दगी

ऐ ज़िन्दगी तु इतनी हसीन कब थी, जितनी अब है
कुछ भी नहीं बचा मेरे पास, पर लगता है कि सब है

तेरी अदायों का मोल, मैंने अब जाना
मैं कौन था और क्या हूं, खुद को पहचाना

समय अब मुझे डराता नहीं है
चंद घड़ियां ही बची है, यह कह के सताता नहीं है

असल आज़ादी मैंने अब महसूस की है
जो कभी ना उतरे वोह शराब आज पी है

अब इस खुमारी में मुझे जी लेने दो यारों
यहां गम का कतरा भी नहीं है, बस खुशियां है हज़ारों

मैं आज़ाद हूं, और गवाह मेरे रब है
ऐ ज़िन्दगी तु इतनी हसीन कब थी, जितनी अब है।

ज़िन्दगी प्यार है

ज़िन्दगी में अगर कुछ है, तो वोह प्यार है
वरना तो बस, मौत का लंबा इंतजार है

प्यार तुम्हे मुस्कुराना सिखाता है
एहसासों की दुनिया में, गहरा ले जाता है

फिर साल, महीने, दिन और लम्हें, सब हसीन हो जाते है
मुस्कुराना और मुस्कुराते रहने कि वज़ह बन जाते है

इसीलिए प्यार करो, प्यार ही ज़िन्दगी है
प्यार ही इबादत है उस रब की, प्यार में ही उसकी मौजूदगी है।