मूर्ति पुज के राम मिले तो

मूर्ति पुज के राम मिले तो, मै पुजू पहाड़

राम तेरा तेरे भीतर छुपा है, उसको ले पहचान

तुझ पर कृपा करता है वोह, कितना दीन दयाल

दुख में जब सब छोड़ के जाते, वोह रहता तेरे पास

सुख दुख में वोह साथ है तेरे, रख उस पर ही आस

दुख मैं भी तू निडर रहना, ना सुख की करना आस

राम का रिश्ता तुझ से वैसा, जैसे पानी संग है प्यास

बाहर की आंखें बंद कर ले, भीतर आंखें खोल

भीतर समाए राम के, संग संग तू डोल

फिर तू समझ जाएगा प्यारे, कहां राम का वास

मूर्ति पुज के राम मिले तो, मै पुजू पहाड़ ।

मां तुमसे किया हर वादा

सपने, उम्मीदे, वादे, मैं पूरे कर दिखाऊंगा
मां तुमसे किया हर वादा, मैं जरूर निभाऊंगा

आशाएं जीवन की चाहे, रोशनी ना दे मुझे
उस अंधेरे में मैं मां, तेरे ज्ञान कि मशाल जलाऊंगा

मां तुमसे किया हर वादा, मैं जरूर निभाऊंगा

राहें चाहे भर ले अपने आप को कांटो से
तेरे प्यार के सुमन, मैं उन पर बिछाऊंगा

मां तुमसे किया हर वादा, मैं जरूर निभाऊंगा

बादल गरजे, बिजली चमके या बरसे बरसात
तेरे आशीर्वाद की ताकत से मैं, आगे बढ़ता जाऊंगा

मां तुमसे किया हर वादा, मैं जरूर निभाऊंगा

पर एक ही कसक है दिल में, जो कांटो सी चुभती है
की इस एक जीवन में मैं मां, तेरा कर्ज़ कैसे चुकाऊंगा

मां तुमसे किया हर वादा, मैं जरूर निभाऊंगा।