बीमारी

बीमारी अपने साथ कितनी चुनौतियां ले कर आती है।
आती तो है तेज़ी से, पर वापिस धीरे धीरे जाती है।।

यह ना आए किसी को भी, यही दुआ मांगता हूं मैं।
कितना परेशान कर देती है यह, अच्छी तरह जानता हूं मैं।।

मेरी मालिक यही दुआ है मेरी, तेरे रहमो करम से कबूल हो।
मैं और मेरा परिवार स्वस्थ और संपन रहे, इतनी इनायत हम पर जरूर हो।।

कोई गिला नहीं

ना ही कोई गिला है मुझे, ना ही कोई शिकायत है
बस कट रही है यह ज़िन्दगी, तेरी ही इनायत है

तेरा ही तो दिया सब कुछ है, तुझ पे ही सब कुर्बान है
मां बाप की उधारी यह शरीर है, और तेरी उधारी यह जान है

कुछ अपना नहीं, कुछ पराया नहीं
कुछ मैंने खोया नहीं, और कुछ नया पाया नहीं

मैं हर धड़ी ही पूरा था, मैं हर घड़ी ही पूर्ण हूं
मैं हर घड़ी ही तु था, तु होकर ही सम्पूर्ण हूं।