राधा खेली रंग

राधा रंग रंग खेली फ़ोहर री
मेरी अलबेली सरकार री

आज होली का त्योहार री
राधा रंग रंग खेली फ़ोहर री

कहीं ब्रज में वोह फूलों से खेले
कहीं लठ की मारे मार री

मेरी अलबेली सरकार री
राधा रंग रंग खेली फ़ोहर री

गगन रंगा है, रंग गई धरती
जन जन का करती उद्धार री

मेरी अलबेली सरकार री
राधा रंग रंग खेली फ़ोहर री

मंगल गान चहो दिसा में गूंजे
आनंद की झंकार री

मेरी अलबेली सरकार री
राधा रंग रंग खेली फ़ोहर री

तन रंग दे, मन रंग दे आज
खुले है मन मंदिर के द्वार री

मेरी अलबेली सरकार री
राधा रंग रंग खेली फ़ोहर री

जब से तुझे देख लिया

मिली रौनक-ए-जहान, बेपनाह है मज़ा
जब से तुम्हें देख लिया, जो तुम्हें देख लिया

प्यारा सा दर्द जुड़ गया है, ज़िन्दगी में मेरी
दवा उसकी है, के दिख जाए सुरत तेरी
मरीज़-ए-इश्क़ बना, जब से तुम्हें देख लिया

जब से तुम्हें देख लिया, जो तुम्हें देख लिया

दुनिया हुई है हसीन, निखरा है आसमान
मुरझाया कुछ भी नहीं, कण कण हुआ जवान
यह तेरा इश्क़ पिया, जिसने यह जादू किया

जब से तुम्हें देख लिया, जो तुम्हें देख लिया

मेरी रूह तक तु उतरी, दिल-ओ-जान हो गई
अपनी मिटा दी जो थी, तुही मेरी पहचान हो गई
खुद को फ़ना है किया, प्यार कुछ ऐसा किया

जब से तुम्हें देख लिया, जो तुम्हें देख लिया

परेशानियां भी मुझसे परेशान हो गई
मैं तेरे इश्क़ में डूबा रहा, और वोह खुद-बा-खुद आसान हो गई
कितना सुकून है मिला, जब से प्यार मैंने किया

जब से तुम्हें देख लिया, जो तुम्हें देख लिया

ऐ ख़ुदा, और लंबी कर दे उम्र मेरी
कभी सोचा ना था, कि मागूंगा मैं यह भी
इश्क़ में इतना मज़ा, रहने दे और ज़रा

जो उन्हें देख लिया, जब से उन्हें देख लिया