बाज़ी लगा

बाज़ी लगा, शेर बन जा

क्यों बेकार डर रहा है
क्या तु ड्रामा कर रहा है
उठ शेर बन जा, ज़रा बाज़ी लगा

बाज़ी लगा, शेर बन जा

हर ओप्पोरचुनिटी को यारा
डिफिकल्ट कह कह के टाला
अब होश से, ज़रा जोश से
इसमें तु लग जा

बाज़ी लगा, शेर बन जा

गर इतना डरोगे यारा
तो लोग भी ना देंगे सहारा
हिम्मत से हिम्मत बढ़ती है
तु सोच तेरे पीछे बिल गेट्स खड़ा

बाज़ी लगा, शेर बन जा

जब होंगे इरादे पक्के
छुड़ा देगा तु सबके छक्के
अरे बॉल से डरता है क्यों
उसको तु तो बल्ला दिखा

बाज़ी लगा, शेर बन जा

लोग देखे हक्के बक्के
जब इसने लगाए छक्के
अब होंसला इसका ऐसा है
लोग पूछते है कि राज़ है क्या

बाज़ी लगा, शेर बन जा

मैं जानता हूं

मझधार में फंसा हूं मैं, मैं जानता हूं
अपनी गलतियों की वजह से यहां हूं मैं, मैं जानता हूं

जमाने भर से लड़ा हूं मैं, मैं जानता हूं
कोरे अहम से भरा हूं मैं, मैं जानता हूं

औरों के गम में मुस्कुराया हूं मैं, मैं जानता हूं
ज़ुल्म करने में ना हिचकिचाया हूं में, मैं जानता हूं

ईर्षा में पागल होकर छटपटाया हूं मैं, मैं जानता हूं
खुशी किसी कि भी ना देख पाया हूं मैं, मैं जानता हूं

काश के कोई समझा देता मुझे
जो असल बात है वोह बता देता मुझे

तो आज इतना पछतावा ना होता
रुंधे रुंधे गले से मैं इतना ना रोता

अब कोई मेरी कब्र पर फूल चढ़ाने नहीं आता
मेरे जिंदा ना होने का मातम नहीं मनाता

अब तो दोजक की आग जलाए मुझे
कब से जागा हूं, सुलाए मुझे

सब झूठ था, अब मानता हूं मैं
अब असल मैं कुछ जानता हूं मैं।