हम मौत को गले लगा लेंगे

जब भी सहमा या डरा
छुप गया तेरे आंचल की छायों में

आज फिर ज़िन्दगी की गर्मी बड़ी है
मौत हाथों में हथियार लिए खड़ी है

आज फिर याद आता है, तुम्हारा आंचल मुझे
बर्फ़ की खामोशी में, पहाड़ों की जड़ता में

कहीं से तुम वही आंचल फिर से लेहरा दो
तो हम मौत को गले लगा लेंगे

सोचेंगे की
जीते जीते तो पा ना सके, हम मर कर तुम को पा लेंगे

हम मौत को गले लगा लेंगे।

तुम्हारी मौत के बाद

तुम्हारी मौत के बाद, ऐसा होगा मेरे यार
सब रिश्तेदार रोएंगे, चाहे ना ही दिल में प्यार

रोएंगे चिलाएंगे, करेंगे इकरार
बताएंगे ऐसा, की तुम थे जीवन का आधार

सोच में पड़ गए ना प्यारे
की क्या यही है संसार

हां यही है संसार
हां यही है संसार

तुम ख़ुद भी तो कर के देखो विचार
तुमने भी ऐसा किया होगा कई बार

तुम भी तो झूठा रोए थे
जब तुमने मित्र खोए थे

कुछ नहीं पड़ा इस दिखावे में
बन जाओ समझदार

मृत्यु तो एक दिन आएगी
चाहे करलो यत्न हज़ार

नहीं तो, इस दिखावे के लिए तुम भी ही जायो त्यार
नफ़रत करने वाले भी, तारीफ़ करेंगे मेरे यार