जब से तुझे देख लिया

मिली रौनक-ए-जहान, बेपनाह है मज़ा
जब से तुम्हें देख लिया, जो तुम्हें देख लिया

प्यारा सा दर्द जुड़ गया है, ज़िन्दगी में मेरी
दवा उसकी है, के दिख जाए सुरत तेरी
मरीज़-ए-इश्क़ बना, जब से तुम्हें देख लिया

जब से तुम्हें देख लिया, जो तुम्हें देख लिया

दुनिया हुई है हसीन, निखरा है आसमान
मुरझाया कुछ भी नहीं, कण कण हुआ जवान
यह तेरा इश्क़ पिया, जिसने यह जादू किया

जब से तुम्हें देख लिया, जो तुम्हें देख लिया

मेरी रूह तक तु उतरी, दिल-ओ-जान हो गई
अपनी मिटा दी जो थी, तुही मेरी पहचान हो गई
खुद को फ़ना है किया, प्यार कुछ ऐसा किया

जब से तुम्हें देख लिया, जो तुम्हें देख लिया

परेशानियां भी मुझसे परेशान हो गई
मैं तेरे इश्क़ में डूबा रहा, और वोह खुद-बा-खुद आसान हो गई
कितना सुकून है मिला, जब से प्यार मैंने किया

जब से तुम्हें देख लिया, जो तुम्हें देख लिया

ऐ ख़ुदा, और लंबी कर दे उम्र मेरी
कभी सोचा ना था, कि मागूंगा मैं यह भी
इश्क़ में इतना मज़ा, रहने दे और ज़रा

जो उन्हें देख लिया, जब से उन्हें देख लिया

यूं बूत बने बैठे ना रहो

आज देश लूटा है, कल घर लूटेगा तुम्हारा
जागो, उठो, सामना करो
यूं बूत बने बैठे ना रहो

चंद लोगों के ही हाथ में कमान है
उनके राज़ में हर कोई परेशान है
भविष्य की अपनी कमान, अपने हाथ में तो करो

जागो, उठो, सामना करो
यूं बूत बने बैठे ना रहो

अमीर की अमीरी और गरीब की गरीबी, दोनों का ही विस्तार है
और संसद में बैठा नेता इस सब के लिए जिम्मेदार है,
अपने आने वाले कल की फिक्र तो करो

जागो, उठो, सामना करो
यूं बूत बने बैठे ना रहो

आयो उतरे सड़कों पर, और मांगे हक हकीक़त में
एक और भी सांस ना लेना, दुश्वार हुई इस दिक्कत में
बदलाव का अब तुम साथियों, इंतजार ना करो

जागो, उठो, सामना करो
यूं बूत बने बैठे ना रहो