जिस ज़िन्दगी में

जिस ज़िन्दगी में मरने की चाह हो
उस ज़िन्दगी को मैं कैसे ज़िन्दगी कहूं

और जिस घर में होता बेवजह कलह हो
उस घर को मैं कैसे घर कहूं

दोनों ही बिखरने की कगार पर है
मौत आज या कल में दोनों को खाएगी

यह असम्यक बर्बादी बड़ी खतरनाक है
क्या कोई ताक़त इसे रोक पाएगी

कोई रोक भी पाएगा तो कैसे
यह बीस साल पहले शुरू हुआ मंज़र है

विषेले शब्द और वोह कड़वी यादें
आज हाथ में बना यह खंजर है

मौत पहले घर की होगी या ज़िन्दगी की
देखने वालों को बस इसी का इंतजार है

मेरी तरफ़ से तो चाहे कुछ भी हो
दोनों तरफ़ से मेरी ही हार है।

बाज़ी लगा

बाज़ी लगा, शेर बन जा

क्यों बेकार डर रहा है
क्या तु ड्रामा कर रहा है
उठ शेर बन जा, ज़रा बाज़ी लगा

बाज़ी लगा, शेर बन जा

हर ओप्पोरचुनिटी को यारा
डिफिकल्ट कह कह के टाला
अब होश से, ज़रा जोश से
इसमें तु लग जा

बाज़ी लगा, शेर बन जा

गर इतना डरोगे यारा
तो लोग भी ना देंगे सहारा
हिम्मत से हिम्मत बढ़ती है
तु सोच तेरे पीछे बिल गेट्स खड़ा

बाज़ी लगा, शेर बन जा

जब होंगे इरादे पक्के
छुड़ा देगा तु सबके छक्के
अरे बॉल से डरता है क्यों
उसको तु तो बल्ला दिखा

बाज़ी लगा, शेर बन जा

लोग देखे हक्के बक्के
जब इसने लगाए छक्के
अब होंसला इसका ऐसा है
लोग पूछते है कि राज़ है क्या

बाज़ी लगा, शेर बन जा