बस देखो ज़रा

कांटो में भी है हरियाली
दुख में भी है खुशहाली
बस देखो ज़रा

माना दुख बना सुल है
पर पतझड़ में भी तो फूल है
बस देखो ज़रा

दुख की रात है अंधियारी
पर तारों में तो है चिंगारी
बस देखो ज़रा

रात में भी प्रकाश ही प्रकाश है
चन्दा की रोशनी से मद मस्त हुआ आकाश है
बस देखो ज़रा।

शादी के बाद का आना जाना

शादी के बाद का आना जाना
हर शनि इतवार रिश्तेदारों के घर खाना

साड़ी पहनना और मेकअप करना, मुझको तो लगती सजा़ है
मेरी तो जीन्स और जैकेट, पहनने की रजा़ है
यह कहते है यह सब पहन कर, मेरी नाक ना कटवाना

शादी के बाद का आना जाना
हर शनि इतवार रिश्तेदारों के घर खाना

सात से दस, फ़िल्म वीर का शो है
कोनो वाली सीट है, और आखरी रो है
मेरी मानो तो लगादो, बीमार होने का बहाना

शादी के बाद का आना जाना
हर शनि इतवार रिश्तेदारों के घर खाना

मैं तो कहती हूं, जाने की फ़ीस तय कर को
फिर तो चाहे इस लिस्ट में, दो चार नाम और भर लो
यह कहते ऐसा ना सोच, तेरी फैमिली ने अभी है बुलाना

शादी के बाद का आना जाना
हर शनि इतवार रिश्तेदारों के घर खाना

जिस घर में भी जाओ, वहां इंडियन खाना ही खिलाते है
ना कोई मोकटेल और ना कोई कॉकटेल, बस नींबू पानी पिलाते है
मैं चलती हुं तुम्हारे साथ, अगर वहां अलग से चाइनीज है मंगवाना

शादी के बाद का आना जाना
हर शनि इतवार रिश्तेदारों के घर खाना।