बिना सांसों के

चंद घड़ियां ही बाकी है इस तमाशे की
देखने वालों की धड़कनों को थमाना है

बिना सांसों के हमें जी कर दिखाना है

मिट्टी के घरों मैं तो बहुत रह लिए हम
अब दिलों में अपना आशियाना बनाना है

बिना सांसों के हमें जी कर दिखाना है

अब तो आखरी सांस का भी डर नहीं
मौत के सामने भी मुस्कुराना है

बिना सांसों के हमें जी कर दिखाना है

और कौन है जो गया नहीं
इस महफ़िल में तो आना जाना है

बिना सांसों के हमें जी कर दिखाना है

मस्ती से निकलूंगा अपनी सवारी पर
सुना है कि वोह सफ़र बहुत सुहाना है

बिना सांसों के हमें जी कर दिखाना है

यहां रुक कर भी क्या करोगे ऐ विशाल
यह तो सराए है, ना की तेरा ठिकाना है

बिना सांसों के हमें जी कर दिखाना है

उड़ान भरों और खुल के जियो तुम
मौत को भी शर्मिंदा कर जाना है

बिना सांसों के हमें जी कर दिखाना है

मोहब्बत करो हर किसी से
हर खुशी एक नज़राना है

बिना सांसों के हमें जी कर दिखाना है

समझ लो इस खेल को अच्छी तरह प्यारे
कुदरत को यह खेल तुम्हे कितनी बार खिलाना है

बिना सांसों के हमें जी कर दिखाना है

जान लो सब दांव पेंच इसके
हमें उसके खेल में उसी को हराना है

बिना सांसों के हमें जी कर दिखाना है

दगाबाज़ी

तुम्हें तो शायद लोगों ने
मगर हमें तो उस ख़ुदा ने ठगा है
चोरों से बचना तो आसान है मगर
उससे बच सके ऐसी कौन जगह है

बड़े आराम से हमतो
जीवन की नींद में मस्त थे
अपने लिए ही जीते थे हमतो
चाहे औरों के लिए मतलब परस्त थे

इक दिन इसी आराम के माहौल से हमें
पकड़ कर ले गए इसके सिपाही
ना था कोई वकील, ना था कोई गवाह
और ना ही हुई कोई सुनवाही

कह दिया कि तुम मुज़रिम हो
और यह है सजा़ तुम्हारी
यह कैसा इंसाफ है इनका
किसी ने बात भी नहीं सुनी हमारी