हम है आज़ाद परिंदे

हर गम से तु
मज़बूरी से
आज़ादी दे

ओ मौला
मुझे आज़ाद
कर दे

मेरे पंखों को
खुलने की
जगह दे

इतनी की
सूरज को भी
हम छुपा दे

ओ मौला
मुझे आज़ाद
कर दे

कुछ पाने कि
हर ख्वाहिश ही
फ़ना कर दे

तेरे इश्क़ की
चाहत से ही
मुझे भर दे

ओ मौला
मुझे आज़ाद
कर दे

मेरे कन कन को
आज़ादी से
ऐसे भर दे

की सांस-सांस मेरी बोले
हम है
आज़ाद परिंदे

हम है
आज़ाद परिंदे

शादी के बाद का आना जाना

शादी के बाद का आना जाना
हर शनि इतवार रिश्तेदारों के घर खाना

साड़ी पहनना और मेकअप करना, मुझको तो लगती सजा़ है
मेरी तो जीन्स और जैकेट, पहनने की रजा़ है
यह कहते है यह सब पहन कर, मेरी नाक ना कटवाना

शादी के बाद का आना जाना
हर शनि इतवार रिश्तेदारों के घर खाना

सात से दस, फ़िल्म वीर का शो है
कोनो वाली सीट है, और आखरी रो है
मेरी मानो तो लगादो, बीमार होने का बहाना

शादी के बाद का आना जाना
हर शनि इतवार रिश्तेदारों के घर खाना

मैं तो कहती हूं, जाने की फ़ीस तय कर को
फिर तो चाहे इस लिस्ट में, दो चार नाम और भर लो
यह कहते ऐसा ना सोच, तेरी फैमिली ने अभी है बुलाना

शादी के बाद का आना जाना
हर शनि इतवार रिश्तेदारों के घर खाना

जिस घर में भी जाओ, वहां इंडियन खाना ही खिलाते है
ना कोई मोकटेल और ना कोई कॉकटेल, बस नींबू पानी पिलाते है
मैं चलती हुं तुम्हारे साथ, अगर वहां अलग से चाइनीज है मंगवाना

शादी के बाद का आना जाना
हर शनि इतवार रिश्तेदारों के घर खाना।