मेरी ही गलती थी

मेरी ही गलती थी

तुम्हे पीछे से बुलाना
जब सामने खड़ा था तमाशाई ज़माना

मेरी ही गलती थी

यूं बिना बताएं तेरी चोखट पर आना
आते जातों को अपनी मोहब्बत के किस्से सुनना

मेरी ही गलती थी

कुछ ना कुछ बना लेते थे तुमसे मिलने का बहाना
तुम आ जाती थी और मेरा भूल जाना

मेरी ही गलती थी

तेरी वफ़ा को मैं करता हूं सजदे
की मेरी गलतियों के बावजूद भी, ना ठुकरा कर सीने से लगाना

जबकि, मेरी ही गलती थी

तेरी सादगी, तेरी मैकशी ने असल मोहब्बत सीखा दी मुझे
की गर इश्क़ है तो आशिक़ की हर गलती को कैसे नज़रअंदाज़ कर जाना

जबकि, मेरी ही गलती थी

मां तुमसे किया हर वादा

सपने, उम्मीदे, वादे, मैं पूरे कर दिखाऊंगा
मां तुमसे किया हर वादा, मैं जरूर निभाऊंगा

आशाएं जीवन की चाहे, रोशनी ना दे मुझे
उस अंधेरे में मैं मां, तेरे ज्ञान कि मशाल जलाऊंगा

मां तुमसे किया हर वादा, मैं जरूर निभाऊंगा

राहें चाहे भर ले अपने आप को कांटो से
तेरे प्यार के सुमन, मैं उन पर बिछाऊंगा

मां तुमसे किया हर वादा, मैं जरूर निभाऊंगा

बादल गरजे, बिजली चमके या बरसे बरसात
तेरे आशीर्वाद की ताकत से मैं, आगे बढ़ता जाऊंगा

मां तुमसे किया हर वादा, मैं जरूर निभाऊंगा

पर एक ही कसक है दिल में, जो कांटो सी चुभती है
की इस एक जीवन में मैं मां, तेरा कर्ज़ कैसे चुकाऊंगा

मां तुमसे किया हर वादा, मैं जरूर निभाऊंगा।