तुम भी हो सकते हो सफल
करना ध्रुव की तरह ध्यान है
धरना अर्जुन की तरह कमान है
नहीं हो सकते फिर तुम विफल
तुम भी हो सकते हो सफल
Where the path to Nirvana is shared
और जिस घर में होता बेवजह कलह हो
उस घर को मैं कैसे घर कहूं
दोनों ही बिखरने की कगार पर है
मौत आज या कल में दोनों को खाएगी
यह असम्यक बर्बादी बड़ी खतरनाक है
क्या कोई ताक़त इसे रोक पाएगी
कोई रोक भी पाएगा तो कैसे
यह बीस साल पहले शुरू हुआ मंज़र है
विषेले शब्द और वोह कड़वी यादें
आज हाथ में बना यह खंजर है
मौत पहले घर की होगी या ज़िन्दगी की
देखने वालों को बस इसी का इंतजार है
मेरी तरफ़ से तो चाहे कुछ भी हो
दोनों तरफ़ से मेरी ही हार है।