Vishal Gupta हसरतें हसरतें कुछ और भी है अभी मुझे जाने को ना कहो उफान चड़ा है इस दिल में अभी संभल जाने को ना कहो। 9796 thumb_up thumb_down 0
Vishal Gupta बात बेमतलबी है कोई गोल गोल घेरे में चक्कर लगाता है तो बात बेमतलबी है और कोई सुख के ख़ोज में दुख की और जाता है तो बात बेमतलबी है पर इस बेमतलबी दुनिया में मतलब कहां से लाऊं भटके है सब लोग यहां, मैं किसे किसे समझाऊं। 05.01.2013 9939 thumb_up thumb_down 0