फिर भी जी रहे हम है

फिर भी जी रहे हम है… हम है… हम है…

आज कल उदासी का मौसम है
दिन रात कुछ ना कुछ गम है

फिर भी जी रहे हम है… हम है… हम है…

ज़िन्दगी में आज तक जो बटोरा
देखो वोह कितना कम है

फिर भी जी रहे हम है… हम है… हम है…

रौनक चेहरे की उड़ सी गई है
मन हुआ है जैसे जलती चिलम है

फिर भी जी रहे हम है… हम है… हम है…

खरीदने गए थे हम खुशियों को
पर आज तक मिले सितम है

फिर भी जी रहे हम है… हम है… हम है…

घर जो था वोह दीवारें बन है गई
हर रिश्ते में कोई ना कोई उलझन है

फिर भी जी रहे हम है… हम है… हम है…

इन रोतो को हसादे कोई
इससे पहले कि निकले दम है

फिर भी जी रहे हम है… हम है… हम है…

राधा खेली रंग

राधा रंग रंग खेली फ़ोहर री
मेरी अलबेली सरकार री

आज होली का त्योहार री
राधा रंग रंग खेली फ़ोहर री

कहीं ब्रज में वोह फूलों से खेले
कहीं लठ की मारे मार री

मेरी अलबेली सरकार री
राधा रंग रंग खेली फ़ोहर री

गगन रंगा है, रंग गई धरती
जन जन का करती उद्धार री

मेरी अलबेली सरकार री
राधा रंग रंग खेली फ़ोहर री

मंगल गान चहो दिसा में गूंजे
आनंद की झंकार री

मेरी अलबेली सरकार री
राधा रंग रंग खेली फ़ोहर री

तन रंग दे, मन रंग दे आज
खुले है मन मंदिर के द्वार री

मेरी अलबेली सरकार री
राधा रंग रंग खेली फ़ोहर री