बेमतलबी पन्नों पर, बेमतलबी शब्दों की कतारों का नाम ज़िन्दगी है
मैं को बचाने के लिए, खड़ी करी दीवारों का नाम ज़िन्दगी है
असल क्या है, यह तोह नहीं पता ऐ विशाल
पर लगता है, कि इकठ्ठे किए हुए विचारों का नाम ज़िन्दगी है।
Where the path to Nirvana is shared
अगर कोई खुश है तोह वोह
क्या और खुश होना चाहेगा।
अगर हाँ तो कितनी और
ख़ुशी से उसका मन भर जाएगा।
ता उम्र भाग के देख लिया
मन तोह मेरा भरता नहीं।
जितना भी मिल जाये इसे
यह कभी उतने में सब्र करता नहीं।
क्या यही ज़िन्दगी का मकसद है
या कुछ और भी पाना है।
या सच में कोई मकसद नहीं है
सिर्फ ख़ुशी ढूंढना ही बस एक बहाना है।।