गमो की लहर दारू तोड़ सकती है
टूटे दिलो के तार दारू जोड़ सकती है
दरिया को हाथो से ही मोड़ सकती है
दुश्मनो के इरादों को यह झंझोड़ सकती है
टूटे हुए रिश्तों को भी यह जोड़ सकती है
आते हुए तूफानों का रुख मोड़ सकती है
मन की आंखो को यह खोल सकती है
ध्यान से सुनो बोतल बोल सकती है
क्या नही कर सकती दारू
कोई पूछे
तो कहूं
इंसान में इंसानियत डाल सकती है
हया, डर, भरम निकाल सकती है
और जो पूछो
तो बताऊं मैं तुम्हें
की कैसे इंसान को फरिश्ता बना सकती है
मज़बूत हर रिश्ता यह बना सकती है
Category: Poems
मैं लड़की देखने जा रहा हुं
मैं लड़की देखने जा रहा हुं
पंडित जी जब हमारे घर आए थे
झोला भर के फोटोयो का लाए थे
हर फोटो को देख देख कर
अलग अलग अटकलें लगा रहा हूं
मैं लड़की देखने जा रहा हुं
पंडित जी ने पूछा, कि लड़की MA हो या MBBS पास हो
मैंने कहा पंडित जी यह सब छोड़ो
बस दिखने में खासम ख़ास हो
मैं तो शक्ल के नंबर लगा रहा हूं
मैं लड़की देखने जा रहा हुं
अब रातों को नींद भी कहां आती है
लगी रहती है एक बेचैनी सी
मैं शादी की बाद की रात का सोच के शर्मा रहा हूं
मैं लड़की देखने जा रहा हुं।

