Vishal Gupta क्या है ज़िन्दगी बेमतलबी पन्नों पर, बेमतलबी शब्दों की कतारों का नाम ज़िन्दगी है मैं को बचाने के लिए, खड़ी करी दीवारों का नाम ज़िन्दगी है असल क्या है, यह तोह नहीं पता ऐ विशाल पर लगता है, कि इकठ्ठे किए हुए विचारों का नाम ज़िन्दगी है। 11785 thumb_up thumb_down 0
Vishal Gupta जाना होगा ना चाहते हुए भी जाना होगा हर सांस यही बताती है बर्फ़ की तरह स्तब्ध हो जाता हुं जब यह बात मन तक पहुंच जाती है मन व्याकुल हो उठता है आंखें सो सो आंसु बहाती है सब सामने बैठे है मेरे फिर भी सबकी याद बहुत रूलाती है। 12105 thumb_up thumb_down 0