मां तुमसे किया हर वादा

सपने, उम्मीदे, वादे, मैं पूरे कर दिखाऊंगा
मां तुमसे किया हर वादा, मैं जरूर निभाऊंगा

आशाएं जीवन की चाहे, रोशनी ना दे मुझे
उस अंधेरे में मैं मां, तेरे ज्ञान कि मशाल जलाऊंगा

मां तुमसे किया हर वादा, मैं जरूर निभाऊंगा

राहें चाहे भर ले अपने आप को कांटो से
तेरे प्यार के सुमन, मैं उन पर बिछाऊंगा

मां तुमसे किया हर वादा, मैं जरूर निभाऊंगा

बादल गरजे, बिजली चमके या बरसे बरसात
तेरे आशीर्वाद की ताकत से मैं, आगे बढ़ता जाऊंगा

मां तुमसे किया हर वादा, मैं जरूर निभाऊंगा

पर एक ही कसक है दिल में, जो कांटो सी चुभती है
की इस एक जीवन में मैं मां, तेरा कर्ज़ कैसे चुकाऊंगा

मां तुमसे किया हर वादा, मैं जरूर निभाऊंगा।

ऐ दोस्त

तुम दोस्त हो कर, मेरी किसी बात पर मुस्कुराते नहीं।
मैं आवाज़ लगाता रह जाता हूं, पर तुम लोट कर आते नहीं।।

यह कैसी दोस्ती है, जिसमें तुम मेरे साथ वक्त बिताते नहीं।
कहां हो, कैसे हो, क्या कर रहें हो, पूछो तो कुछ बताते नहीं।।

कभी कभी तो यूं लगता है, की अब वोह पुरानी वाली बात रही नहीं।
पहले घंटों होती थी एक के बढ़कर एक फिजूल की बातें, अब कहते हो की करने को कोई बात नहीं।।

क्या करते रहते हो आज कल, क्या है जिसमे इतना खो गए हो तुम।
लगता है जैसे जिंदगी की परेशानियों से, कुछ ज्यादा ही मायुस हो गए हो तुम।।

बाहर आयो इस उलझावे से, देखो मैं तुम्हारा इंतजार कर रहा हूं।
मिल जाए मुझे वही पुराना दोस्त, दुआ यह बार बार कर रहा हूं।।

मैं तुम्हारा इंतजार कर रहा हूं।